पेपर-वार · Rajasthan GK · CET (Graduate) 2024 (Paper A15)
CET (स्नातक) 2024 · पेपर A15: राजस्थान GK प्रश्न उत्तर कुंजी सहित
इस प्रश्न पत्र में पूछे गए राजस्थान सामान्य ज्ञान के 34 प्रश्न, मूल प्रश्न क्रमांक के साथ। हर प्रश्न का उत्तर आयोग की अंतिम उत्तर कुंजी से है; हर दूसरे प्रश्न की व्याख्या यहाँ मुफ्त है। रद्द या संदिग्ध कुंजी वाले प्रश्न छोड़ दिए गए हैं।
राजस्थान GK: हल किए गए पिछले वर्षों के प्रश्न (PDF)872 प्रश्न · 22 मूल पेपर · 22 अध्याय · हर प्रश्न की व्याख्या · झटपट दोहराव
गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) को 1981 में राजस्थान का राज्य पक्षी घोषित किया गया। यह अत्यंत संकटग्रस्त पक्षी है; इसका मुख्य आवास जैसलमेर का मरु राष्ट्रीय उद्यान है। राज्य में इसके संरक्षण के लिए "प्रोजेक्ट गोडावण" चलाया जा रहा है।
कालीसिंध तापीय विद्युत परियोजना राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
(A) झालावाड़
(B) बीकानेर
(C) बाड़मेर
(D) कोटा
उत्तर कुंजी: (A) झालावाड़
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कालीसिंध तापीय विद्युत परियोजना झालावाड़ जिले में है। कोटा तापीय परियोजना राज्य की पहली बड़ी तापीय परियोजना है; बाड़मेर में लिग्नाइट आधारित गिरल और जालीपा-कपूरडी परियोजनाएँ हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (I): चना राजस्थान में रबी फसल के रूप में उगाया जाता है। कथन (II): तिलहन राजस्थान में रबी और खरीफ दोनों मौसमों में उगाए जाते हैं। सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
स्वतंत्रता के बाद राजपूताना की रियासतें किस दस्तावेज़ के माध्यम से भारतीय संघ में शामिल हुईं?
(A) इंस्ट्रूमेंट ऑफ ऑब्लिगेशन
(B) इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन
(C) इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंटीग्रेशन
(D) एक्सेशन इंस्ट्रूमेंट लीग
उत्तर कुंजी: (B) इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन
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रियासतें "इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन" (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर करके भारतीय संघ में शामिल हुईं। इसके द्वारा रक्षा, विदेश और संचार के विषय भारत सरकार को सौंपे गए।
प्रतिभा पाटिल (2004-2007) राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल थीं; बाद में वे भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनीं। प्रभा राव, मार्गरेट अल्वा भी राजस्थान की राज्यपाल रहीं।
कुचामणी ख्याल के बारे में कौन-से कथन सही हैं? a. कुचामणी ख्याल प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम ने शुरू किया। b. चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल लच्छीराम के रचे प्रमुख ख्याल हैं। c. कुचामणी ख्याल खुले मंच (मुक्ताकाशी रंगमंच) पर नहीं खेला जाता। d. इसमें ढोल, सारंगी, शहनाई और ढोलक वादक मुख्य सहयोगी होते हैं।
चंदा मीणा पर विजय की खुशी में कछवाहों ने कौन-सा मेला शुरू किया?
(A) भर्तृहरि मेला
(B) पुष्कर मेला
(C) खलकाणी माता का गधा मेला
(D) डिग्गी कल्याणजी मेला
उत्तर कुंजी: (C) खलकाणी माता का गधा मेला
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आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार खलकाणी माता का गधा मेला (लूणियावास, जयपुर) कछवाहों ने मीणाओं पर विजय की याद में शुरू किया। इस मेले में गधों की खरीद-बिक्री होती है।
राजस्थान के एकीकरण के चौथे चरण में किन चार रियासतों का विलय कर "वृहत् राजस्थान" बना?
(A) कोटा, टोंक, बूंदी, झालावाड़
(B) प्रतापगढ़, डूंगरपुर, किशनगढ़, शाहपुरा
(C) अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली
(D) जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर
उत्तर कुंजी: (D) जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर
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चौथा चरण 30 मार्च 1949 को हुआ, जब जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर मिलकर वृहत् राजस्थान बना। इसी दिन को "राजस्थान दिवस" के रूप में मनाया जाता है। जयपुर को राजधानी और जयपुर के महाराजा मानसिंह द्वितीय को राजप्रमुख बनाया गया।
पृथ्वीराज तृतीय (पृथ्वीराज चौहान) ने महोबा के चंदेल शासक को किस वर्ष हराया?
(A) 1181 ई.
(B) 1182 ई.
(C) 1191 ई.
(D) 1192 ई.
उत्तर कुंजी: (B) 1182 ई.
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1182 ई. में पृथ्वीराज चौहान ने महोबा के चंदेल शासक परमर्दिदेव को हराया; इस युद्ध में आल्हा-ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए। 1191 में तराइन के पहले युद्ध में पृथ्वीराज जीते और 1192 के दूसरे युद्ध में मुहम्मद गोरी से हारे।
"राणे जगपत रा मरस्या" किस शासक की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए लिखा गया?
(A) महाराजा जनक सिंह
(B) महाराणा जगत सिंह
(C) महाराजा जीवन सिंह
(D) महाराजा जयदीप सिंह
उत्तर कुंजी: (B) महाराणा जगत सिंह
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"मरस्या" (मरसिया) राजस्थानी साहित्य की शोक-काव्य विधा है, जो किसी राजा या वीर की मृत्यु पर लिखी जाती है। "राणे जगपत रा मरस्या" मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह की मृत्यु पर लिखा गया।
सूची-I (छतरी) को सूची-II (स्थान) से मिलाइए: a. सवाई जयसिंह की छतरी I. अलवर b. मूसी रानी की छतरी II. रामगढ़ c. गोपाल सिंह की छतरी III. गैटोर d. सेठों की छतरी IV. करौली
(A) a-I, b-II, c-III, d-IV
(B) a-II, b-I, c-IV, d-III
(C) a-IV, b-III, c-I, d-II
(D) a-III, b-I, c-IV, d-II
उत्तर कुंजी: (D) a-III, b-I, c-IV, d-II
व्याख्या देखें
सवाई जयसिंह की छतरी गैटोर (जयपुर) में, मूसी रानी की छतरी अलवर में, गोपाल सिंह की छतरी करौली में और सेठों की छतरियाँ रामगढ़ (सीकर, शेखावाटी) में हैं।