Rajasthan GK · अध्याय 7 · Saints and Sects of Rajasthan
प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय: पिछले वर्षों के प्रश्न
राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा), CET (स्नातक), CET (सीनियर सेकेंडरी), व्याख्याता (तकनीकी शिक्षा), पटवारी, RAS प्रारंभिक, वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) में इस अध्याय से पूछे गए 28 असली प्रश्न (कुल 29 बार पूछे गए)। उत्तर आयोग की अंतिम उत्तर कुंजी से हैं। यहाँ 14 प्रश्नों के उत्तर और व्याख्या मुफ्त हैं; सभी उत्तर पुस्तक में।
राजस्थान GK: हल किए गए पिछले वर्षों के प्रश्न (PDF)1109 प्रश्न · 28 मूल पेपर · 22 अध्याय · हर प्रश्न की व्याख्या · झटपट दोहराव
निम्नलिखित में से कौन सा वैष्णव संप्रदाय नहीं है ?
(A) निम्बार्क
(B) वल्लभ
(C) निष्कलंक
(D) लालदासी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) लालदासी
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार लालदासी संप्रदाय वैष्णव संप्रदाय नहीं है; संत लालदास (मेवात) का यह पंथ निर्गुण भक्ति का है। निम्बार्क और वल्लभ प्रमुख वैष्णव सम्प्रदाय हैं।
साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक, काज़ी हमीदुद्दीन नागौरी, किस सूफी सिलसिले के थे?
(A) चिश्ती
(B) कादिरी
(C) मगरिबी
(D) सुहरावर्दी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) सुहरावर्दी
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार काज़ी हमीदुद्दीन नागौरी सुहरावर्दी सिलसिले के थे। ध्यान रहे, इन्हीं के समकालीन सूफी हमीदुद्दीन नागौरी ("सुल्तान-उत-तारकीन") ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के शिष्य और चिश्ती सिलसिले के थे; दोनों अलग व्यक्ति हैं।
6CET (स्नातक) 2022 · 131B · प्र. 13
मेवात क्षेत्र के अलवर जिले में, जन्म लेने वाले प्रसिद्ध संत थे -
11CET (स्नातक) 2024 · B23 · प्र. 8★ 2 बार पूछा गया
राजस्थानी भाषा में पद्य रूप में उपलब्ध संतों के जीवन-वृत्तांत को क्या कहते हैं?
(A) परची
(B) वात
(C) झमाल
(D) झूटना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) परची
"परची" राजस्थानी साहित्य की वह विधा है जिसमें संतों-भक्तों का जीवन परिचय पद्य में लिखा जाता है। "वात" (बात) कथा-साहित्य है।
इनमें भी पूछा गया: CET (सीनियर सेकेंडरी) 2024 · Q13 · प्र. 26
12CET (स्नातक) 2024 · B23 · प्र. 33
नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन (I): दादूदयाल (राजस्थान के कबीर) का जन्म अलवर के धोलीदूब/दोलीदूब गाँव में 1542 ई. में फाल्गुन शुक्ल नवमी को हुआ था। कथन (II): दादू ने सामान्य भाषा (साधुक्कड़ी) में ब्रह्म, जीव, जगत और मोक्ष पर उपदेश दिए। सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
निम्नलिखित में से कौन निर्गुण उपासना का अनुयायी था?
(A) रामचरणजी
(B) मीराबाई
(C) दादूदयाल
(D) रतन सिंह
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उत्तर: (C) दादूदयाल
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार दादूदयाल। दादू निर्गुण निराकार ब्रह्म के उपासक थे और मूर्ति पूजा तथा जाति-भेद का विरोध करते थे। मीराबाई सगुण कृष्ण भक्ति की कवयित्री थीं।
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार "बिश्नोई धर्मप्रकाश"। जांभोजी (जन्म पीपासर, नागौर) ने 1485 में समराथल धोरे पर बिश्नोई पंथ चलाया और 29 नियम दिए। मुकाम (बीकानेर) में उनकी समाधि है, जहाँ फाल्गुन अमावस्या को मेला भरता है; इसलिए विकल्प A और C उनसे जुड़े स्थान/अवसर हैं, रचनाएँ नहीं।
बखनाजी, संतदास जी, जगन्नाथ दास और माधोदास नामक संतों का संबंध निम्नलिखित में से किस सम्प्रदाय के साथ था?
(A) दादू पंथ
(B) लालदासी सम्प्रदाय
(C) जसनाथी सम्प्रदाय
(D) रामस्नेही सम्प्रदाय
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दादू पंथ
बखनाजी, संतदास, जगन्नाथ दास और माधोदास संत दादूदयाल के शिष्य थे। दादू के 52 प्रमुख शिष्य "52 स्तम्भ" कहलाते हैं, जिनमें रज्जब, सुंदरदास, गरीबदास आदि भी हैं।
24RAS प्रारंभिक 2024 · प्र. 131
संत लालदास के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए : A. संत लालदास आजीवन अविवाहित रहे। B. संत लालदास की मृत्यु के पश्चात् उनके समाधि स्थान पर मन्दिर का निर्माण करवाया गया।
रामानन्द के संदर्भ में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए : A. संत पीपा के निवेदन पर रामानन्द राजस्थान आए थे। B. रामानन्द का प्रभाव राजस्थान में व्यापक रूप से दिखाई नहीं देता है।
गूदड़ सम्प्रदाय का प्रमुख पूजा स्थल (धाम) कहाँ स्थित है?
(A) परबतसर
(B) आसींद
(C) दांतड़ा
(D) भिनाय
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उत्तर: (C) दांतड़ा
संत दास के गूदड़ सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ दांतड़ा (भीलवाड़ा) में है। संत दास गूदड़ी (कपड़ों के टुकड़ों से बनी) पहनते थे, इसलिए यह गूदड़ सम्प्रदाय कहलाया।
रामस्नेही सम्प्रदाय की शाहपुरा (भीलवाड़ा) शाखा के संस्थापक कौन थे?
(A) संत दरियावजी
(B) संत हरिरामदास
(C) संत रामदासजी
(D) संत रामचरणजी
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उत्तर: (D) संत रामचरणजी
शाहपुरा शाखा संत रामचरणजी ने स्थापित की। रैण (नागौर) शाखा संत दरियावजी, सिंहथल (बीकानेर) शाखा संत हरिरामदास और खेड़ापा (जोधपुर) शाखा संत रामदासजी से जुड़ी है।