Rajasthan GK · अध्याय 6 · Folk Deities of Rajasthan
लोक देवता एवं लोक देवियाँ: पिछले वर्षों के प्रश्न
राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा), CET (स्नातक), CET (सीनियर सेकेंडरी), कॉलेज व्याख्याता, पटवारी, RAS प्रारंभिक, वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा), ग्राम विकास अधिकारी (VDO) में इस अध्याय से पूछे गए 21 असली प्रश्न। उत्तर आयोग की अंतिम उत्तर कुंजी से हैं। यहाँ 11 प्रश्नों के उत्तर और व्याख्या मुफ्त हैं; सभी उत्तर पुस्तक में।
राजस्थान GK: हल किए गए पिछले वर्षों के प्रश्न (PDF)1109 प्रश्न · 28 मूल पेपर · 22 अध्याय · हर प्रश्न की व्याख्या · झटपट दोहराव
उस स्थान को चिह्नित कीजिए जो किसी भी प्रकार लोक देवता रामदेवजी से संबंधित नहीं है
(A) रुणेचा
(B) पोकरण
(C) मसूरिया
(D) बनेड़ा
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) बनेड़ा
रुणेचा (रामदेवरा, जैसलमेर) में रामदेवजी की समाधि है, पोकरण क्षेत्र उन्होंने भैरव राक्षस से मुक्त कराया और मसूरिया (जोधपुर) में उनके गुरु बालीनाथ की समाधि है। बनेड़ा (भीलवाड़ा) का रामदेवजी से संबंध नहीं है।
2CET (स्नातक) 2022 · 131A · प्र. 24
सुमेलित कीजिए - कुलदेवी - जाति (1) करणी माता (2) सकराय माता (3) आई माता (4) नारायणी माता (i) नाई (ii) सीरवी (iii) खण्डेलवाल (iv) चारण
राजस्थान में कौन हाथ में भाला लिए योद्धा के रूप में या सर्प देवता के रूप में पूजे जाते हैं?
(A) रामदेवजी
(B) गोगाजी
(C) पाबूजी
(D) देवनारायणजी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (B) गोगाजी
गोगाजी को "साँपों के देवता" और "जाहरपीर" कहा जाता है; उन्हें भाला लिए घुड़सवार योद्धा के रूप में पूजा जाता है। गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) में भाद्रपद कृष्ण नवमी (गोगा नवमी) को इनका मेला भरता है। किसान खेत जोतने से पहले "गोगा राखड़ी" बाँधते हैं।
राजस्थान के किस प्रसिद्ध लोक देवता को लक्ष्मणजी का अवतार माना जाता है?
(A) मेहाजी मांगलिया
(B) रामदेवजी
(C) हड़बूजी
(D) पाबूजी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) पाबूजी
पाबूजी (कोलू, फलोदी) को लक्ष्मणजी का अवतार माना जाता है। उन्हें ऊँटों का देवता भी कहते हैं; मारवाड़ में ऊँट लाने का श्रेय उन्हीं को दिया जाता है। "पाबूजी की फड़" रावणहत्था के साथ भोपे बाँचते हैं। रामदेवजी को कृष्ण का अवतार माना जाता है।
14पटवारी 2025 · SPZ8 · प्र. 106
निम्नलिखित में से कौन पंच पीरों में शामिल नहीं है?
मल्लीनाथजी का प्रमुख मन्दिर तिलवाड़ा (बालोतरा, पहले बाड़मेर जिला) में है, जहाँ चैत्र में पशु मेला लगता है। गागरोण (झालावाड़) संत पीपा से जुड़ा है। रामदेवजी (रामदेवरा, जैसलमेर), तेजाजी (खड़नाल, नागौर) और पाबूजी (कोलू) सही हैं।
पाबूजी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ? A. पाबूजी के पास कालमी नाम की घोड़ी थी। B. पाबूजी का विवाह पूगल की भाटी राजकुमारी के साथ हुआ था। C. उन्होंने देवल चारणी की गायों के रक्षार्थ बलिदान दिया था।
(A) केवल A
(B) B और C
(C) A और C
(D) A, B और C
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (C) A और C
पाबूजी की घोड़ी केसर कालमी थी और उन्होंने देवल चारणी की गायों को जायल के जींदराव खींची से छुड़ाते हुए बलिदान दिया। उनका विवाह अमरकोट के सोढ़ा राजपूतों की राजकुमारी से हो रहा था, पूगल की भाटी राजकुमारी से नहीं।
लोक देवताओं एवं उनके पूजा स्थल/मंदिर के संबंध में कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है?
(A) भूरिया बाबा – पांचोटा (जालौर)
(B) मल्लिनाथ जी – तिलवाड़ा (बाड़मेर)
(C) हड़बूजी – बेंगटी (फलोदी)
(D) वीर फत्ताजी – सांथू (जालौर)
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) भूरिया बाबा – पांचोटा (जालौर)
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार भूरिया बाबा – पांचोटा (जालौर) युग्म सुमेलित नहीं है; भूरिया बाबा (गौतमेश्वर) का प्रमुख स्थान सिरोही क्षेत्र में है। मल्लिनाथ जी तिलवाड़ा, हड़बूजी बेंगटी और वीर फत्ताजी सांथू से जुड़े हैं।
20ग्राम विकास अधिकारी (VDO) 2025 · K23L · प्र. 94
राजस्थान में श्री मनसापूर्ण करणी माता मंदिर के पास कौन-सी झील स्थित है?