Rajasthan GK · अध्याय 10 · Paintings and Handicrafts of Rajasthan
चित्र शैलियाँ एवं हस्तकला: पिछले वर्षों के प्रश्न
राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा), कॉलेज व्याख्याता, CET (सीनियर सेकेंडरी), CET (स्नातक), व्याख्याता (तकनीकी शिक्षा), पटवारी, RAS प्रारंभिक, वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) में इस अध्याय से पूछे गए 35 असली प्रश्न (कुल 40 बार पूछे गए)। उत्तर आयोग की अंतिम उत्तर कुंजी से हैं। यहाँ 18 प्रश्नों के उत्तर और व्याख्या मुफ्त हैं; सभी उत्तर पुस्तक में।
राजस्थान GK: हल किए गए पिछले वर्षों के प्रश्न (PDF)1109 प्रश्न · 28 मूल पेपर · 22 अध्याय · हर प्रश्न की व्याख्या · झटपट दोहराव
1सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) 2020 · प्र. 1★ 2 बार पूछा गया
निम्नलिखित में से किस शैली में मध्यकालीन साहित्यिक रचना 'रसराज' को चित्रण के विषय के रूप में प्रयुक्त किया गया है ?
(A) मेवाड़
(B) मारवाड़
(C) ढूँढाड़
(D) बूँदी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (B) मारवाड़
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार मतिराम की रचना "रसराज" को मारवाड़ शैली में चित्रण का विषय बनाया गया। रीतिकालीन ग्रन्थों (रसराज, रसिकप्रिया आदि) पर आधारित चित्र राजस्थान की कई शैलियों में मिलते हैं।
इनमें भी पूछा गया: कॉलेज व्याख्याता 2014 · प्र. 96
2सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) 2020 · प्र. 66★ 2 बार पूछा गया
'पिछवाइयाँ' हस्तशिल्प कला निम्न क्षेत्र से सम्बन्धित है :
श्रीधर अंधारे को किस चित्रशैली को प्रकाश में लाने का श्रेय दिया जाता है?
(A) किशनगढ़
(B) देवगढ़
(C) शाहपुरा
(D) उणियारा
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (B) देवगढ़
मेवाड़ स्कूल की उपशैली देवगढ़ (राजसमंद) शैली को प्रकाश में लाने का श्रेय डॉ. श्रीधर अंधारे को दिया जाता है। किशनगढ़ शैली को एरिक डिकिन्सन और फैयाज अली ने प्रकाश में लाया।
6CET (स्नातक) 2022 · 131A · प्र. 84
सुमेलित कीजिये - (1) अजरख प्रिंट (2) पावरलूम कपड़ों पर छपाई (3) मोठड़ा (4) मसूरिया (I) कैथून (II) जोधपुर (III) बालोतरा (IV) बाड़मेर सही विकल्प चुनें -
मांगीलाल मिस्त्री (बस्सी, चित्तौड़गढ़) कावड़ कला के प्रसिद्ध कलाकार हैं। कावड़ लकड़ी का कई पल्लों वाला रंगीन मंदिरनुमा "चलता-फिरता देवघर" है, जिस पर पौराणिक कथाएँ चित्रित होती हैं; बस्सी इसका केंद्र है।
18CET (सीनियर सेकेंडरी) 2024 · R15 · प्र. 114
सूची-I (लोक कला) को सूची-II (सामग्री) से मिलाइए: a. कावड़ I. पेपर (कागज़) b. फड़ II. रंग c. पाने III. कपड़ा d. मांडना IV. लकड़ी
फड़ कलाकार श्रीलाल जोशी राजस्थान के किस स्थान से संबंधित हैं?
(A) भीलवाड़ा
(B) जयपुर
(C) सीकर
(D) चूरू
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) भीलवाड़ा
फड़ चित्रकला का केंद्र शाहपुरा (भीलवाड़ा) है और जोशी परिवार इसके प्रमुख चितेरे हैं। श्रीलाल जोशी को पद्मश्री मिला। फड़ कपड़े पर बना लंबा चित्र है, जिसमें पाबूजी, देवनारायणजी जैसे लोक देवताओं की गाथा होती है और भोपे इसे पढ़कर गाते हैं।
बीकानेर के मथेरण समुदाय के सम्बन्ध में दिए गए निम्नलिखित कथनों को सावधानी से पढ़िये : (i) बीकानेर चित्र शैली के विकास में इनका प्रचुर योगदान है । (ii) महाराजा अनूप सिंह के काल में मथेरण समुदाय को संरक्षण मिला । (iii) मथेरण विशेषकर शासकों के व्यक्तिगत चित्र उकेरने के लिए जाने जाते हैं । (iv) मथेरण, जो अपने आप को महात्मा भी कहते हैं, एक जैन समुदाय है । उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं ?
(A) केवल (i) और (iii)
(B) केवल (i), (ii) और (iii)
(C) केवल (ii) और (iii)
(D) ये सभी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) ये सभी
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार चारों कथन सही हैं। मथेरण जैन चित्रकार (महात्मा) थे, जिन्होंने बीकानेर शैली के विकास में बड़ा योगदान दिया। महाराजा अनूप सिंह के समय बीकानेर शैली का स्वर्णकाल था। बीकानेर शैली के चित्रकार चित्र पर अपना नाम और तिथि लिखते थे।
22व्याख्याता (तकनीकी शिक्षा) 2020 · प्र. 14
बाड़मेर ब्लॉक मुद्रित कपड़े का एक और नाम क्या है ?
नीचे दिये गये युग्मों में से कौन सा युग्म सही है ?
(A) सोने का काम हरी मीनाकारी के साथ – नाथद्वारा
(B) लकड़ी के घोड़ों के खिलौने – कोटा
(C) पत्थर के खिलौने – गलियाकोट
(D) चन्दन प्रिन्टिंग – प्रतापगढ़
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (C) पत्थर के खिलौने – गलियाकोट
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार पत्थर के खिलौने – गलियाकोट (डूंगरपुर) सही युग्म है। हरे काँच पर सोने का बारीक काम (थेवा कला) प्रतापगढ़ की पहचान है, और लकड़ी के खिलौने उदयपुर व बस्सी (चित्तौड़गढ़) के प्रसिद्ध हैं।
24व्याख्याता (तकनीकी शिक्षा) 2020 · प्र. 90
अलवर चित्रशैली के वह कौन से कलाकार थे जिन्होंने महाराजा मंगलसिंह के समय हाथीदाँत के फलकों पर सूक्ष्म चित्र बनायें ?
"ब्लू पॉटरी" राजस्थान के किस स्थान का पारंपरिक शिल्प है?
(A) जैसलमेर
(B) कोटा
(C) जयपुर
(D) उदयपुर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (C) जयपुर
ब्लू पॉटरी जयपुर का प्रसिद्ध शिल्प है, जिसमें मिट्टी की जगह क्वार्ट्ज़ पाउडर, काँच और मुल्तानी मिट्टी से बने बर्तनों पर नीले रंग से चित्रकारी होती है। इसे सवाई रामसिंह द्वितीय ने प्रोत्साहन दिया; कृपाल सिंह शेखावत इसके प्रसिद्ध कलाकार थे।
26पटवारी 2025 · DQ69 · प्र. 2
निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद राजस्थान की ट्राइब्स इंडिया जीआई उत्पाद सूची में शामिल नहीं है?
बाड़मेर की छपाई अपने बोल्ड ज्यामितीय पैटर्न के लिए जानी जाती है, जिसे क्या कहा जाता है?
(A) बगरू प्रिंट
(B) सांगानेरी प्रिंट
(C) डाबू रेसिस्ट प्रिंट
(D) अजरख प्रिंट
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) अजरख प्रिंट
बाड़मेर की अजरख छपाई में नीले और लाल रंग के ज्यामितीय डिज़ाइन होते हैं। मलीर प्रिंट भी बाड़मेर का है, जबकि बगरू और सांगानेरी प्रिंट जयपुर के और डाबू (मिट्टी से रंग रोकने की विधि) आकोला (चित्तौड़गढ़) का प्रसिद्ध है।
28पटवारी 2025 · SPZ8 · प्र. 69
विश्व शिल्प परिषद (WCC) ने राजस्थान के किस स्थान को "विश्व शिल्प नगरी" घोषित किया है?
प्रसिद्ध चित्रकार मुहम्मद शाह जयपुर के किस महाराजा का चित्रकार था?
(A) सवाई राम सिंह द्वितीय
(B) सवाई जगत सिंह
(C) सवाई प्रताप सिंह
(D) सवाई जय सिंह
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उत्तर: (D) सवाई जय सिंह
आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार मुहम्मद शाह सवाई जय सिंह के दरबारी चित्रकार थे। सवाई जय सिंह ने चित्रकारों के लिए "सूरतखाना" (चित्रशाला) को व्यवस्थित किया था, जिससे जयपुर शैली का विकास हुआ।
चित्रकला की किशनगढ़ शैली के विषय में कौन से कथन सही हैं ? A. राधा और कृष्ण का रूप सौंदर्य ही चित्रांकन का मुख्य विषय है। B. अधिकांश चित्रों में स्त्रियों का पहनावा लहँगा, चोली और पारदर्शी आँचल हैं। C. इस शैली के चित्रकार सीताराम, भवानीदास एवं कल्याणदास हैं।
(A) A, B और C
(B) A और B
(C) B और C
(D) A और C
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उत्तर: (A) A, B और C
तीनों कथन सही हैं। किशनगढ़ शैली राधा-कृष्ण के सौंदर्य (बणी-ठणी) के लिए प्रसिद्ध है; इसका स्वर्णकाल सावंतसिंह (नागरीदास) के समय था और प्रमुख चित्रकार निहालचंद के साथ सीताराम, भवानीदास, कल्याणदास आदि थे।
चित्रकला के कोटा स्कूल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (अ) कोटा के महाराव भीम सिंह ने अपने संरक्षण में चित्रकला में कृष्ण भक्ति एवं वल्लभ संप्रदाय को महत्त्व दिया। (ब) राजा उम्मेद सिंह ने कोटा शैली की चित्रकला में शिकार से संबंधित चित्रों को संरक्षण दिया।
(A) केवल (अ) सही है।
(B) केवल (ब) सही है।
(C) (अ) एवं (ब) दोनों सही नहीं हैं।
(D) (अ) एवं (ब) दोनों सही हैं।
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (D) (अ) एवं (ब) दोनों सही हैं।
दोनों कथन सही हैं। महाराव भीमसिंह वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी थे और उनके समय कृष्ण भक्ति के चित्र बने; महाराव उम्मेदसिंह के समय कोटा शैली के प्रसिद्ध शिकार-चित्र बने।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न
ये प्रश्न पिछले पेपरों से नहीं हैं। Notes Bazar ने इन्हें इस अध्याय के उन तथ्यों पर बनाया है जो अभी तक नहीं पूछे गए।
अ1अभ्यास प्रश्न
"बणी-ठणी" चित्र, जिसे "भारत की मोनालिसा" कहा गया, किस चित्र शैली का है?
(A) मेवाड़
(B) बूंदी
(C) किशनगढ़
(D) जयपुर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (C) किशनगढ़
बणी-ठणी किशनगढ़ शैली का चित्र है, जिसे राजा सावंत सिंह (नागरीदास) के समय चित्रकार निहालचंद ने बनाया। एरिक डिकिन्सन ने इसे "भारत की मोनालिसा" कहा।
अ2अभ्यास प्रश्न
मेवाड़ के किस महाराणा ने चित्रकारों के लिए "चितेरों की ओवरी" (तस्वीरां रो कारखानो) की स्थापना की?
सांगानेरी और बगरू छपाई किस जिले के कस्बों से जुड़ी है?
(A) जयपुर
(B) जोधपुर
(C) बाड़मेर
(D) उदयपुर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जयपुर
सांगानेर और बगरू दोनों जयपुर जिले में हैं। सांगानेरी छपाई हल्की पृष्ठभूमि पर बारीक फूल-पत्तियों के लिए और बगरू छपाई प्राकृतिक रंगों के लिए जानी जाती है।
अ8अभ्यास प्रश्न
घर की दीवारों और आँगन पर त्योहारों के समय खड़िया और गेरू से बनाए जाने वाले लोक अलंकरण को क्या कहते हैं?